
नव्या योजना किशोरियों को सशक्त बनाने और भारत@2047 के विकसित भारत के विजन को साकार करने के लिए मोदी सरकार द्वारा शुरू की गई एक नई पायलट योजना है।
मुख्य बिंदु:
- लक्ष्य समूह: 16 से 18 वर्ष की आयु की किशोरियाँ, जिन्होंने कम से कम 10वीं कक्षा (हाईस्कूल) उत्तीर्ण की है।
- मुख्य उद्देश्य: किशोरियों को गैर-पारंपरिक और आधुनिक क्षेत्रों में व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करके उन्हें आत्मनिर्भर (स्वाबलंबी) और सशक्त बनाना।
- प्रशिक्षण के क्षेत्र: योजना परंपरागत कौशल (जैसे सिलाई-कढ़ाई) के बजाय नए रोजगारपरक क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करेगी, जैसे:
- ड्रोन ऑपरेशन
- मोबाइल रिपेयरिंग
- सोलर पैनल इंस्टॉलेशन
- कार्यान्वयन: यह एक पायलट योजना (प्रायोगिक परियोजना) के रूप में शुरू की गई है।
- शुरुआत: 19 राज्यों के 27 जिलों में लागू होगी।
- पहला जिला: उत्तर प्रदेश का सोनभद्र जिला।
- प्राथमिकता: पूर्वोत्तर राज्यों के जिलों को विशेष रूप से शामिल किया गया है।
- संचालन: इस योजना को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय द्वारा लागू किया जा रहा है।
- दृष्टिकोण: इसका उद्देश्य गरीब और कमजोर वर्ग की किशोरियों को कौशल और आत्मविश्वास प्रदान करना है ताकि वे आधुनिक प्रतिस्पर्धी दुनिया में सफल हो सकें और अपने परिवार तथा देश की प्रगति में योगदान दे सकें।
संक्षेप में, नव्या योजना किशोरियों को भविष्य के लिए तैयार करने, रोजगार के नए अवसर पैदा करने और देश के विकास में उनकी भागीदारी सुनिश्चित करने की एक strategic पहल है।